तहसीलदार से 50 हजार की ठगी साइबर थाना पुलिस ने वापस कराई रकम, डीएम की डीपी लगे व्हाट्सएप नंबर से आया मैसेज

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं। डीएम निधि श्रीवास्तव की डीपी लगाकर व्हाट्सएप के जरिये सदर तहसीलदार सुरेंद्र कुमार से हुई 50 हजार की ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ठगी गई रकम तहसीलदार के खाते में रिलीज करा दी है। वहीं खाताधारक की तलाश की जा रही। खाताधारक बैंगलुरू का बताया जा रहा।
ऐसे ठगे गए थे तहसीलदार
सावन के दिनों में तहसीलदार की ड्यूटी कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई थी। उन्हें मजिस्ट्रेट का प्रभार सौंपा गया था। ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर पुलिस को बतौर मजिस्ट्रेट आदेश देते हुए समाधान में जुटाएं। चार अगस्त को तहसीलदार ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया। संबंधित व्हाट्सएप नंबर की डीपी पर डीएम निधि श्रीवास्तव की फोटो लगी थी।
तहसीलदार को लगा कि डीएम का पर्सनल नंबर है। मैसेज में एक अकाउंट नंबर दिया गया था और उसमें 50 हजार रुपए ट्रांसफर करने को लिखा था। तहसीलदार ने बिना देरी किए रकम उस खाते में ट्रांसफर कर दी, जबकि कुछ देर बाद फिर से 50 हजार और मांगे गए तो उन्होंने सीधे डीएम को कॉल लगाकर बात की। डीएम ने कोई मैसेज करने से इंकार किया तो वो सन्न रह गए।
विदेशी नंबर से आया था मैसेज
जिस नंबर से तहसीलदार को व्हाट्सएप मैसेज आया था, वो श्रीलंका का निकला था। वहीं जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, वह खातेदार बैंगलुरू का निवासी बताया गया।
