हजरत मज़ाक मियां का सालाना उर्स कल से शुरू
दूरदराज के अकीदतमंद व जायरीन आना शुरू
यहां सभी धर्मों के अकीदतमंद आकर करते हैं हाजरी

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूँ। शहर के सागरताल नवादा रोड स्थित विश्व प्रसिद्ध विश्वासनीय एतिहासिक दरगाह ख्वाजगाने चिश्त हजरत मज़ाक मियां साहब रहमतुल्लाह अलैहि कुत्बे औलिया बदायूंनी का तीन रोजा सालाना उर्स हर साल की तरह इस साल भी बडे ही शानोशौकत के साथ 14 से 16 अक्टूबर तक मनाया जायेगा जिसकी तैयारियां भी लगभग मुकम्मल हो चुकी हैं।

दरगाह के सज्जादानशीन हजरत मौलाना सैय्यद मोहम्मद इख्तियार अली शाह ने जानकारी देते हुये बताया कि पिछली सालों की तरह इस साल भी हजरत मज़ाक मियां साहब के 134 वें तीन रोजा सालाना उर्स की महफिल का आगाज 14 अक्टूबर को सुबह महफिले कुरआन के साथ किया जायेगा उसके बाद उर्स के तीनो दिन उर्स के तय शुदा प्रोग्राम के मुताबिक उर्स की महफिले सजती रहेंगी।
उन्होंने बताया उर्स के मद्देनजर लगभग उर्स की तैयारियां मुकम्मल हो चुकीं है हर साल की तरह इस साल भी उर्स की महफिल का सारा प्रबन्धन ख्वाजगाने चिश्त हजरत मज़ाक मियां साहव रहमतुल्लाह अलैहि कुत्बे औलिया बदायूंनी की औलाद की औलाद दरगाह के मौजूदा सज्जादानशीन हजरत मौलाना सैय्यद मोहम्मद इख्तियार अली शाह की देखरेख में किया जायेगा।उन्होंने बताया दरगाह मज़ाक मियां साहब पर मुस्लिम समुदाय के साथ साथ लगभग सभी मजहबों के अकीदतमंद आकर हाजरी करते हैं और फैज पाते हैं अकीदतमंदों का मानना है कि यहां की हाजरी कभी खाली नहीं जाती है यहां सच्चे दिल से मांगी गई जायज दुआ जरूर पूरी होती है जिसके मद्देनजर यहां उर्स में आवामी अकीदतमंदों के अलावा दूर दराज के अकीदतमंद व जायरीन भी तशरीफ लाते हैं जिनके ठहरने व खानपान का प्रवंध भी दरगाह पर ही किया जाता रहा है और इस साल भी किया जायेगा। उर्स में शिरकत करने के लियें दूर दराज के जायरीनों का आना भी शुरू हो गया है।
