किसान यूनियन टिकैत बदायूं द्वारा राष्ट्रपति महोदया को चार सूत्रीय सम्भोधित ज्ञापन ज़िला अधिकारी एडीएम प्रशासन को सौपा मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं,जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी
एडीएम प्रशासन अरुण कुमार भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं के किसानों द्वारा अपनी मांगों के लिए शांति प्रिय ढंग से कर रहे धरना, प्रदर्शनकारियो को पुलिस द्वारा जबरदस्ती, असंवैधानिक तरीके से उठा कर गिरफ्तार किए जाने एवं किसान आंदोलनकारियो को बेवजह परेशान किए जाने के सम्बंध मे भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं द्वारा मंगलवार को ज़िला अध्यक्ष परवेज़ आलम के नेतृव मे जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन के माध्यम किसान मोर्चा भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं के बैनर पर तमाम संगठन, बदायूं के किसानों की मुख्य रूप से 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड एवं 64% अतिरिक्त प्रतिकर मुआवजे की मांग को लेकर 25 नवंबर से धरने पर थे।दो दिसंबर को दिल्ली कुच करते समय प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता कर संयुक्त किसान मोर्चा को किसानों की समस्याओं के निदान के लिए सात दिन का समय दिया। किंतु वादा खिलाफी करते हुए धोखे से रात को ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को जिसमें प्रमुख रूप से भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अनिल तालान जिंदाबाद सहित सैकड़ो पुरुष एवं महिला किसान आंदोलनकारी को जोर जबरदस्ती करके, लाठी के दम पर गाड़ियों में भर भर कर गिरफ्तार कर लिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। जो लोकतांत्रिक देश के अंदर बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।पूरे देश के अंदर जो भी किसान संगठन एवं किसान इन किसान आंदोलनकरियो का समर्थन कर रहा है उनको स्थानीय प्रशासन प्रताड़ित कर रहा है। किसानो की जायज मांगों को अगर इस तरीके से लाठी के दम पर दबाया जाएगा, पुलिस के बल पर आंदोलन को तोड़ा जाएगा। तो भारत के उन लाखों क्रांतिकारी, सुभाषचंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद,भगत सिंह जैसे देश भक्तों का क्या होगा जिन्होंने आजाद देश के सपने को देखते हुए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया।आज आवश्यकता है ऐसी निरंकुश और तानाशाही सरकार और अधिकारियों पर लगाम लगाने की।भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं ज्ञापन के माध्यम से मांग करता है कि
1,जल्द से जल्द भारतीय किसान यूनियन की मांगों को माना जाय।
2, भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अनिल तालान जी सहित संयुक्त किसान मोर्चा के सभी गिरफ्तार किए गए साथियों को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए।3,पंजाब के किसानों का चल रहे आंदोलन पर सरकार बर्बरता एवं निरंकुश्ता तत्काल बंद करें। एवं एमएसपी सहित उनकी समस्त मांगों को माना जाए।
4, पूरे देश के अंदर किसान एवं किसान आंदोलनकरियों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए एवं धरना स्थल से पुलिस का पहरा हटाए जाय।साथ ही साथ ऐसे निरंकुश अधिकारियों, जिन्होंने देश के अन्नदाताओं के साथ यह कृत किया है। उनको दंडित किया जाना किसान और देशहित में आवश्यक है।अन्यथा भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत बदायूं किसान हित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
