मुन्तख़ब मियाँ सकलैनी का लंबी बीमारी के चलते बरेली में इलाज के दौरन हुआ इंतेक़ाल
कल बरोज़ हफ्ता 11 बजे होगे सुपर्दे ख़ाक

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं।क़स्बा ककराला की दीनदार व मोअज़िज़ ख़ानदान की एक सादा तबियत, आजिज़ी इनकिसारी का पैकर, बा-कमाल अदबी व नामवर शख़्सियत “जनाब मुन्तख़ब मियाँ सकलैनी अलमारूफ़ (नूर ककरालवी साहब)” ने आज जुमा सुबह 9:00 बजे बरेली के एक हॉस्पिटल में दौराने इलाज आख़िरी साँस लेकर इस दुनिया ए फ़ानी को हमेशा के लिए अलविदा कह गए। आपके जाने से पूरा घराना व अहले बस्ती और ज़िला बदायूँ का अदबी हल्का गमो-अफ़सोस में डूब गया है, आपके यूँ जाने से अदबी दुनिया का एक बड़ा नुक़सान हुआ है। आपका जन्म सन् 1956 में हुआ, आपने लगभग 70 साल की उम्र पायी। आप मशहूरे ज़माना बुज़ुर्ग हज़रत क़िबला पीरो मुर्शिद शाह मोहम्मद सक़लैन मियाँ हुज़ूर अलैहिर्रहमा के छोटे भाई थे और आपने ख़ानकाही व क़स्बा ककराला में बड़ी अदबी ख़िदमात अंजाम दीं, आप एक बेमिसाल और नामवर उस्ताद शायर भी थे आपने हज़ारों शागिर्दों को अपने फ़न से नवाज़ा, आप अदबी दुनिया में “नूर ककरालवी” नाम से बड़े मशहूर हुए, आपकी अदबी ख़िदमात व शायरी से न सिर्फ़ हिंदुस्तान बल्कि ग़ैर मुल्कों के लोग भी मुतास्सिर हुए बग़ैर न रह सके। आपका दफ़्न आपके वालिदे माजिद हज़रत शाह शुजाअत अली मियाँ के मज़ार शरीफ़ के अहाते में क़स्बा ककराला-ज़िला बदायूँ में हफ्ता वरोज़ सुबह 11:00 बजे होगा।
