शिकायत प्रणाली में सुधार की मांग, X (ट्विटर) पर दुरुपयोग और
सांसद-विधायकों द्वारा शिकायतों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री
को पत्र-भारत के जाने-माने पारदर्शिता, जवाबदेही, मानवाधिकार और कानूनी
अधिकार कार्यकर्ता संजय शर्मा की पहल

संवाद न्यूज़ एजेंसी
भारत के जाने-माने पारदर्शिता, जवाबदेही, मानवाधिकार और कानूनी अधिकार
कार्यकर्ता संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराने की वर्तमान
व्यवस्था में मौजूद खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने सरकार
से ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायत प्रणाली और सोशल मीडिया (विशेषकर X/ट्विटर) पर
शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नीति बनाने की मांग की
है।संजय शर्मा ने विशेष रूप से X (पूर्व में ट्विटर) के दुरुपयोग और
सांसद-विधायकों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के मुद्दे
को भी उजागर किया है।संजय शर्मा ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान में नागरिकों को शिकायत दर्ज
कराने के लिए CPGRAMS, विभागीय पोर्टल, IGRS, सोशल मीडिया और ऑफलाइन
माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग बढ़ रहा है। इससे प्रशासनिक
संसाधनों का दुरुपयोग, वास्तविक पीड़ितों को न्याय में देरी और अनावश्यक
विवाद पैदा हो रहे हैं।शर्मा ने प्रमुख समस्याओं की ओर इशारा करते हुए
कहा कि फर्जी, अप्रमाणित, व्यक्तिगत प्रतिशोधवश या गुमनाम शिकायतें दर्ज
की जा रही हैं। साथ ही, एक ही शिकायत कई बार कई पोर्टलों पर दर्ज की जा
रही है, जिससे प्रशासनिक बोझ बढ़ रहा है।
X (ट्विटर) पर दुरुपयोग और सरकारी नीति की आवश्यकता
शर्मा ने अपने पत्र में चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया, खासकर X (ट्विटर),
पर अक्सर बिना प्रमाण के या सार्वजनिक दबाव बनाने के लिए शिकायतें दर्ज
की जाती हैं, जिसका कोई वैध आधार नहीं होता। इससे प्रशासनिक संसाधनों का
दुरुपयोग होता है और वास्तविक पीड़ितों को न्याय में देरी होती है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकारी विभागों के लिए स्पष्ट नियम बनाए
जाएं कि X (ट्विटर) या अन्य सोशल मीडिया पोस्ट्स पर स्वतः संज्ञान न लिया जाए, बल्कि केवल अधिकृत पोर्टल या आधिकारिक माध्यम से आई शिकायतों पर ही
कार्रवाई की जाए।सांसद-विधायकों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर सख्त
नियम की जरूरत,शर्मा ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि सांसदों, विधायकों,
मंत्रियों और अधिकारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर भी सख्त नियम
लागू हों। उन्होंने कहा कि इन जनप्रतिनिधियों से भी यह घोषणा लेनी चाहिए
कि वे शिकायत/मांग से किस प्रकार प्रभावित हैं, ताकि पद का दुरुपयोग न
हो। साथ ही, इनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की संख्या भी सीमित की
जानी चाहिए।
अन्य प्रमुख सुझाव
शिकायतकर्ता की घोषणा और प्रमाण अनिवार्य :
प्रत्येक शिकायतकर्ता से यह घोषणा लेना कि वह शिकायत से किस प्रकार
प्रभावित है, और शिकायत के साथ तथ्यात्मक आख्या तथा प्रमाण अनिवार्य रूप
से संलग्न करवाना।
शिकायतों की संख्या पर सीमा:
एक व्यक्ति या संस्था द्वारा एक माह में अधिकतम 2 शिकायतें दर्ज कराने की सीमा हो।
पोर्टलों का एकीकरण:
सभी शिकायत पोर्टलों का एकीकरण करना और प्रत्येक शिकायतकर्ता को यूनिक कोड देना।
प्राथमिक जांच और निरस्तीकरण:
प्रत्येक शिकायत की प्रारंभिक जांच के लिए समर्पित टीम बनाना और
अप्रमाणित शिकायतों को निरस्त करना।
निष्कर्ष
संजय शर्मा ने कहा कि इन सुधारों से शिकायत व्यवस्था का दुरुपयोग रुकेगा,
प्रशासनिक संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर विस्तृत नीति और दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध
किया है।संजय शर्मा से मोबाइल नंबर्स मोबाइल: 9454461111, 7991479999,
9565-24x7x365 और ईमेल sanjaysharmalko[AT]icloud[DOT]
sukaylegal[AT]gmail[DOT]com पर संपर्क किया जा सकता है l संजय का पत्र
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