महिला ने कुत्ते को खिलाया चूहा धागे में बांधकर स्ट्रीट डॉग के सामने लटकाया पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने कोतवाली सदर मे की शिकायत

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं।बदायूँ मे महिला ने चूहे को धागे में बांधकर कुत्ते को खिला दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, यह है पूरा मामला महिला ने चूहे को घर से पकड़ा। उसकी पूंछ में धागा बांधकर घर से बाहर ले आई। इसके बाद स्ट्रीट डॉग को बुलाया और उसके सामने लटका दिया। कुत्ता चूहे को मुंह में दबाकर भाग गया।सका वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। मामला शहबाजपुर मोहल्ले का है।वीडियो में दिख रहा है- महिला गली में टहल रहे कुत्ते को बुलाती है। चूहे को कुत्ते के सामने लटका देती है। कुत्ता चूहे को मुंह में दबाकर भाग जाता है। महिला के साथ खड़ा युवक उसे ऐसा करने के लिए उकसाता है। गली में कई लोग खड़े थे, लेकिन किसी ने महिला को ऐसा करने से नहीं रोका।पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने सदर कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। विकेंद्र शर्मा ने बताया- कोतवाल से मेरी मुलाकात नहीं हुई। वो रूटीन निरीक्षण पर गए थे। इसके बाद हमने चौकी मालवीय गंज के प्रभारी अनिल कुमार से मुलाकात की। उन्होंने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया।
कोतवाल राकेश कुमार ने बताया- मामला संज्ञान में नहीं आया है। वह कोतवाली से बाहर थे। तहरीर आई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।पशु प्रेमी ने रिपोर्ट में लिखा- वायरल वीडियो में महिला चूहे को धागे से बांधकर कुत्ते को खिला रही है। महिला शहबाजपुर मोहल्ले के धोबी वाली गली में रहती है। महिला ने वीडियो में क्रूरता हद पार कर दी है। महिला के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण

अधिनियम की धारा 11 और भारतीय न्याय संहिता की धार 325 के तहत कार्रवाई की जाए।साल 2022 में चूहे को लेकर बदायूं का नाम सुर्खियों में आया था। वजह थी कि यहां सदर कोतवाली के पनबड़िया मोहल्ले में रहने वाले मनोज नाम के शख्स ने चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर उसे नाले में फेंका था। विकेंद्र ने नाले से चूहे को निकाला और बाद में बरेली IVRI में चूहे का पोस्टमॉर्टम भी हुआ था। ये देश का पहला पोस्टमॉर्टम था। इस मामले में मनोज के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और बाद में पुलिस ने चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल की।हमारे संविधान में हर नागरिक के लिए अधिकारों के साथ कुछ मूल कर्तव्य भी बताए गए हैं। इन्हीं कर्तव्यों में से एक है पशुओं के साथ क्रूरता न करना। संविधान के अनुच्छेद 51(A) के तहत हर जीवित प्राणी के प्रति सहानुभूति रखना भारत के हर नागरिक का मूल कर्तव्य है।
भारतीय वन संरक्षण अधिनियम 1971 के मुताबिक पशुओं का शिकार करना, उनसे करतब कराना या देखना, उनकी निर्मम हत्या करना जघन्य अपराधों की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वालों को 3 साल की जेल और ₹10 हजार का जुर्माना हो सकता है।
