Oplus_131072
नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामला वादी मुकेश पटेल ने कहा- ओवैसी की लोकसभा सदस्यता रद्द हो

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूं,नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के वाद के बीच आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असादुदीन ओवैसी को इस मुकदमे के वादी मुकेश पटेल ने औवेसी की लोकसभा से सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है।दरअसल मुकेश पटेल अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक हैं और इस मुकदमे के वादी भी हैं। मंगलवार को मामले की कोर्ट में सुनवाई थी और मुस्लिम पक्ष ने अपनी बहस की। जबकि इसके बाद मुकेश पटेल ने एक्स हैंडिल पर किए गए औवेसी के बयान पर पलटवार किया।मुकेश ने कहा-ओवैसी मदरसे में पढ़े हुए हैं औऱ मदरसे वालों की अकल उसके घुटनों में होती है। ओवैसी को लेकर कहा- वो लुटेरो को नहीं पहचानते हैं, जिसका माल लुटा है उसको भी नहीं पहचानते हैं। वो केवल माल को पहचानते हैं।लोकसभा सदस्यता हो रद्द
मुकेश ने कहा कि वो मोहम्मद गौरी को नहीं पहचानेगा वो कुतुबुद्दीन ऐबक को नहीं पहचानेगा वो इल्तुमिश को नहीं पहचानेगा वो औरंगजेब को नहीं पहचानेगा, बाबर को नहीं पहचानेगा अलाउद्दीन खिलजी को नहीं पहचानेगा। वो तो केवल माल पहचानेगा माल।हम कहना चाहते हैं कि जो कक्षा एक या दो का बच्चा भी बता सकता है कि इतिहास क्या है। जिसे इतिहास की जानकारी नहीं है, ऐसे ओवैसी को लोकसभा में सदस्यता भी रद्द कर देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट भी सदस्यता रद्द कर देना चाहिए, जिसे भारत के इतिहास के बारे में जानकारी न हो।ओवैसी ने एक्स पर दी थी प्रतिक्रिया
औवेसी ने अपने एक्स हैंडिल पर यह प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था बदायूं उत्तर प्रदेश की जामा मस्जिद को भी निशाना बनाया गया है। अदालत में 2022 में केस किया गया था और उसकी अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी। ASI (जो भारत सरकार के तहत काम करती है) और उ.प्र सरकार भी केस में पार्टी हैं ।दोनों सरकारों को 1991 एक्ट के अनुसार अपनी बात रखनी होगी।शर पसंद हिंदुत्ववादी तंज़ीमें किसी भी हद्द तक जा सकते हैं, उन पर रोक लगाना भारत के अमन और इत्तिहाद के लिए बहुत ज़रूरी है। आने वाली नस्लों को “AI” की पढ़ाई के बजाए “ASI” की खुदाई में व्यस्त कर दिया जा रहा है। ये है मामला
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल ने साल 2022 में जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा दायर किया था। कोर्ट में सरकार पक्ष की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट भी आ चुकी है। जबकि अब इंतजामिया कमेटी ओर वक्फ बोर्ड इसमें प्रतिवादी संख्या एक और दो हैं। आज मुस्लिम पक्ष की बहस शुरू हो गई है। बहस का मुद्दा यह है कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं।
