बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं और एवं अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारो और अंतरराष्ट्रीय अधिकारों के उल्लंघन पर आक्रोश रैली का हुआ आयोजन

संवाद न्यूज़ एजेंसी
हलद्धनी।बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं और एवं अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार और उनके संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय अधिकारों के उल्लंघन पर बड़ी आक्रोश रैली का आयोजन किया गया।इसमें राष्ट्रपति हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भी दिया गया हल्द्वानी जनपद नैनीताल में नागरिक मानव अधिकार मंच के अंतर्गत बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हुए अत्याचार और मानव वर्णन की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत हुआ बांग्लादेश में हिंदू बौद्ध ईसाई अल्पसंख्यक धार्मिक कट्टर पंक्तियों के अत्याचार का लगातार शिकार हो रहे धार्मिक स्थलों पर हमले बढ़ रहे हैं या 59% हिंदू धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं और 69 मंदिरों एवं पूजा स्थलों पर अनुष्ठानों के दौरान हमले किए जा रहे हैं कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यक महिलाओं के खिलाफ जबरन धर्मांतरण अपराह्न अब बलात्कार जैसी घटनाएं आम हो चुकी है बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित जीवन से वंचित किया जा रहा है साथ ही सांस्कृतिक धार्मिक धरोहर का व्यवस्थित विनाश जारी है यह स्थिति बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 27 28 30 31 40 का उल्लंघन है जो कानून के समक्ष समानता धार्मिकता स्वतंत्रता और संपत्ति के अधिकार की गारंटी देता है इसके अलावा यह अंतरराष्ट्रीय कानून जैसे सार्वभौमिक मानवता घोषणा पत्र और अंतरराष्ट्रीय नागरिक राजनीतिक आधार संधि आईसीपीआर 1966 कभी गंभीर आनंद है और इस अवसर पर भारत सरकार बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दवा बनाई संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वतंत्र जांच आयोग का गठन हो अपराधियों का कठोर कार्यवाही हो पुनर्वासन को मुआवजा मिले और महिला और बच्चों की सुरक्षा की सुनिश्चित की जाए इन शर्तों के साथ इस आक्रोश रैली का आयोजन किया गया जिसमें सभी संगठनों के लोगों ने एक जूता का परिचय दिया और सभी हिंदू एक हैं यह भावना मन में रखते हुए। एक आक्रोश रैली एमबीपीजी कॉलेज से लेकर तिकोनिया तक निकाली गईं। इस मौके पर बीजेपी के बहुत कार्यकर्ता रौतेला बीजेपी के बड़े-बड़े पदाधिकारी शिवसेना के पदाधिकारी हिंदू संगठन में ब्राह्मण समाज वैश्य समाज बाल्मिक समाज अग्रवाल समाज और व्यापार मंडल ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौक पर कई लोग मौजूद रहे।
