एक दिन की कप्तान बनीं शैज बी लोगों की शिकायतें सुनीं

संवाद न्यूज़ एजेंसी
बदायूँ।एसएसपी बोले- बॉडी लैंग्वेज देखकर जज करें सरकार द्वारा चलाये जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5 के तहत सोमवार को नकबिया इंटर कॉलेज की छात्रा शैज बी को एक दिन का एसएसपी बनाया गया। इस दौरान शैज बी ने एसएसपी की कुर्सी पर बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उनका निस्तारण कैसे किया जाता है, यह खुद एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने छात्रा को समझाया।

शैज बी शहर के नकबिया इंटर कालेज में कक्षा 11 की छात्रा हैं। एसएसपी आफिस पहुंचने के बाद उन्हें एसएसपी की कुर्सी पर बैठाया गया। जबकि इसके बाद रोजाना की तरह शुरू हुआ, फरियादियों के पहुंचने का सिलसिला। इन फरियादियों की समस्या शैज बी ने सुनी।

किसी ने कहा कि थानास्तर पर उनकी शिकायत की सुनवाई नहीं हुई तो कोई बोला कि पुलिस ने उल्टा पीड़ित पर कार्रवाई कर दी। किसी की शिकायत यह थी कि मुकदमे के नामजदों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है तो किसी ने खुद को बेकसूर ठहराते हुए मुकदमे से नाम निकलवाने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। एसएसपी साथ में थे, ऐसे में शैज बी ने समस्याएं सुनीं तो वहीं एसएसपी ने उन्हें बताया कि कैसे शिकायती पत्रों पर कार्रवाई की जाती है।एसएसपी ने छात्रा को समझाया कि पहले फरियादी की पूरी समस्या को ध्यान से सुनें। उसकी बॉडी लैंग्वेज भी देखते रहें, इसी से पता लग जाता है कि फरियादी शिकायत सही कर रहा है या कहीं न कहीं तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर कह रहा है। फिर संबंधित थानेदार से तत्काल वार्ता करके स्थिति की जानकारी ली जाए। फिर स्वयं के विवेक के आधार पर अगर मामला गंभीर लगे तो तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। अन्यथा जांच के बाद कार्रवाई को लिखा जाए।इस बीच पुलिस की एकतरफा कार्रवाई की शिकायत पर संबंधित सीओ से खुद मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाए। शिकायत गंभीर है तो एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों से बारीकी से जांच कराकर आख्या मांगी जाए। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। एसएसपी ने यह भी बताया कि अधीनस्थों से किस तरह सामंजस्य बनाकर काम लेना है। सभी स्तर के पुलिसकर्मियों को कैसे निर्देश देना है और कैसे उन्हें संसाधन मुहैया कराना है। इन सभी तथ्यों के बारे में भी बताया गया।
